Tata Capital ने 13 अक्टूबर 2025 को शेयर बाजार में ₹330 पर फ्लैट लिस्टिंग की, जो इसके ₹326 के इश्यू प्राइस से थोड़ा ही ऊपर है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स और टाटा ग्रुप के सपोर्ट से यह शेयर लंबे समय में शानदार प्रदर्शन कर सकता है।

💹 Tata Capital IPO ने शेयर बाजार में की फ्लैट लिस्टिंग
टाटा ग्रुप की वित्तीय इकाई Tata Capital ने 13 अक्टूबर 2025 को शेयर बाजार में फ्लैट लिस्टिंग की।
कंपनी के शेयर ₹330 पर NSE और BSE में लिस्ट हुए, जो कि इश्यू प्राइस ₹326 से सिर्फ ₹4 या 1.23% ज्यादा था।
कंपनी ने अपने IPO से ₹15,500 करोड़ जुटाए, जो साल 2025 के सबसे बड़े इश्यूज़ में से एक रहा।
हालांकि, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और घरेलू बाजार की सावधानी के कारण लिस्टिंग का प्रदर्शन शांत रहा।
💰 निवेशकों की प्रतिक्रिया और सब्सक्रिप्शन डिटेल्स
Tata Capital के IPO को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली, जो कंपनी में उनके लंबे समय के भरोसे को दर्शाता है।
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क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs): 3.42 गुना सब्सक्रिप्शन
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नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs): 1.98 गुना
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रिटेल इन्वेस्टर्स: 1.10 गुना
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बैलेंस शीट, विविध वित्तीय पोर्टफोलियो और टाटा ग्रुप के सपोर्ट के कारण निवेशकों ने इस इश्यू पर भरोसा जताया।
🌍 ग्रे मार्केट और प्री-लिस्टिंग सेंटिमेंट
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में Tata Capital के शेयर ₹329–₹330 के आसपास ट्रेड कर रहे थे, जिससे संकेत मिला कि लिस्टिंग इश्यू प्राइस के करीब होगी।
कम ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) दर्शाता है कि बाजार में न तो बहुत जोश है और न ही घबराहट — जो लंबे समय के लिए स्थिर निवेश वातावरण का संकेत है।
🏦 लिस्टिंग फ्लैट क्यों रही?
मार्केट एनालिस्ट्स ने फ्लैट लिस्टिंग के पीछे कई कारण बताए:
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अलॉटमेंट के बाद शॉर्ट-टर्म निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग
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बाजार में अस्थिरता और सतर्क निवेश रुझान
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उच्च ब्याज दरें और महंगाई का दबाव
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा कैपिटल के मजबूत फंडामेंटल्स, कम NPA और खुदरा ऋण (retail lending) में बढ़त इसे लंबे समय में निवेश के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं।
🔍 एक्सपर्ट्स की राय और आगे का अनुमान
बाजार विशेषज्ञ Tata Capital के लंबे समय के विकास को लेकर आशावादी हैं।
कंपनी का ध्यान डिजिटल लेंडिंग, सस्टेनेबल फाइनेंस, और नए क्षेत्रों में विस्तार पर केंद्रित है।
“फ्लैट लिस्टिंग का मतलब कंपनी की कमजोरी नहीं है। Tata Capital के बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल स्ट्रेंथ इसे भविष्य के लिए मजबूत बनाते हैं,”
— एक वरिष्ठ मार्केट एनालिस्ट ने कहा।
एनालिस्ट्स का सुझाव है कि लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स अगर गिरावट पर खरीदारी करते हैं, तो आने वाले महीनों में अच्छे रिटर्न की संभावना है।
📊 निष्कर्ष: मजबूत फंडामेंटल्स और स्थिर दृष्टिकोण
भले ही लिस्टिंग डे पर बड़ा उछाल नहीं दिखा, लेकिन Tata Capital का भरोसेमंद ब्रांड और वित्तीय स्थिरता इसे लंबे समय के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे बाजार की धारणा सुधरेगी, कंपनी का मूल्य धीरे-धीरे बढ़ेगा।




