संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि चेन्नई, केप टाउन और मैक्सिको सिटी सहित दुनिया के कई बड़े शहर भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। जानिए इसके पीछे जलवायु परिवर्तन, भूजल दोहन और शहरीकरण की क्या भूमिका है।

🌎 वैश्विक जल संकट: संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी, बड़े शहरों में तेजी से घट रहा पानी
दुनिया एक गंभीर “वैश्विक जल दिवालियापन” (Global Water Bankruptcy) की ओर बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी हालिया जल आकलन रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई (भारत), केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) और मैक्सिको सिटी (मैक्सिको) जैसे बड़े शहर गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में पानी की मांग प्राकृतिक जल स्रोतों की पुनर्भरण क्षमता से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है। दुनिया के शीर्ष 100 बड़े शहरों में से लगभग आधे शहर जल तनाव (Water Stress) की स्थिति में हैं।
💧 चेन्नई में क्यों गहराया जल संकट?
चेन्नई पिछले कुछ वर्षों में भीषण जल संकट से गुजर चुका है और “डे ज़ीरो” की स्थिति के बेहद करीब पहुंच गया था।
चेन्नई जल संकट के मुख्य कारण:
1️⃣ मानसून पर अत्यधिक निर्भरता
चेन्नई मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी मानसून पर निर्भर है। यदि मानसून कमजोर रहता है, तो जलाशय नहीं भर पाते और पानी की कमी हो जाती है।
2️⃣ भूजल का अत्यधिक दोहन
कम वर्षा और बढ़ती मांग के कारण बोरवेल के जरिए भारी मात्रा में भूजल निकाला गया। इससे भूजल स्तर तेजी से गिरा और प्राकृतिक पुनर्भरण संभव नहीं हो पाया।
3️⃣ झीलों और आर्द्रभूमि का खत्म होना
तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों और झीलों का अस्तित्व कम होता गया, जिससे भूजल रिचार्ज प्रभावित हुआ।
🚰 केप टाउन का ‘डे ज़ीरो’ संकट
केप टाउन 2015 से 2018 के बीच भीषण सूखे का सामना कर चुका है। उस समय शहर “डे ज़ीरो” के बेहद करीब पहुंच गया था।
केप टाउन संकट के प्रमुख कारण:
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लंबा सूखा काल
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जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, जिससे वर्षा में कमी आई
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तेजी से बढ़ती जनसंख्या, जिससे पानी की मांग बढ़ी
कड़े जल प्रतिबंधों और बचाव उपायों के कारण शहर ने संकट को टाल दिया, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।
🏙️ मैक्सिको सिटी: पानी की कमी और जमीन धंसने की समस्या
मैक्सिको सिटी अपनी लगभग 70% जल आपूर्ति के लिए भूजल पर निर्भर है।
मुख्य चुनौतियाँ:
1️⃣ भूजल का अत्यधिक पंपिंग
लगातार जल निकासी के कारण जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है।
2️⃣ जमीन धंसना (Land Subsidence)
अत्यधिक भूजल दोहन के कारण शहर के कुछ हिस्से हर साल कई इंच तक धंस रहे हैं।
3️⃣ जर्जर पाइपलाइन व्यवस्था
पुरानी जल आपूर्ति प्रणाली के कारण 30-40% पानी घरों तक पहुंचने से पहले ही नष्ट हो जाता है।
🌐 वैश्विक शहरी जल संकट के सामान्य कारण
इन शहरों में जल संकट के पीछे कुछ समान कारण हैं:
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भूजल का अत्यधिक दोहन
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जलवायु परिवर्तन और बढ़ता सूखा
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तेजी से बढ़ता शहरीकरण
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कमजोर जल प्रबंधन
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प्राकृतिक जल स्रोतों का नष्ट होना
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यदि जल प्रबंधन, बुनियादी ढांचे और जलवायु नीतियों में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में और शहर इस संकट की चपेट में आ सकते हैं।
❓ क्या है ‘डे ज़ीरो’?
“डे ज़ीरो” वह स्थिति है जब शहर की नियमित जल आपूर्ति पूरी तरह बंद करनी पड़ती है। नागरिकों को निर्धारित केंद्रों से सीमित मात्रा में पानी लेना पड़ता है।
कई वैश्विक शहर इस खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।
⚠️ बड़ी चेतावनी: 21वीं सदी का सबसे बड़ा संकट?
UN रिपोर्ट बताती है कि यह केवल अस्थायी सूखे की समस्या नहीं, बल्कि जल आपूर्ति और मांग के बीच गहरा असंतुलन है। जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या वृद्धि इस संकट को और गंभीर बना रहे हैं।
यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो जल संकट 21वीं सदी का सबसे बड़ा वैश्विक खतरा बन सकता है।
🔎 निष्कर्ष
चेन्नई, केप टाउन और मैक्सिको सिटी की स्थिति दुनिया के लिए एक चेतावनी है। टिकाऊ जल प्रबंधन, भूजल संरक्षण, बेहतर बुनियादी ढांचा और प्रभावी जलवायु नीतियां अब अनिवार्य हो चुकी हैं।
वैश्विक जल संकट अब भविष्य की समस्या नहीं, बल्कि वर्तमान की सच्चाई है।
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