किडनी हेल्थ डैमेज के शुरुआती 8 लक्षण जानिए — झागदार पेशाब से थकान तक। सतर्क रहें और अपनी किडनी की सुरक्षा करें विशेषज्ञों की सलाह के साथ।

🩺 परिचय: क्यों ज़रूरी है किडनी की देखभाल
किडनी हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है जो खून से विषैले पदार्थों को निकालती है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करती है और शरीर में तरल का संतुलन बनाए रखती है। लेकिन कई बार किडनी डैमेज धीरे-धीरे होता है, जिसके लक्षण देर से दिखाई देते हैं। अगर आप शुरुआती संकेतों को पहचान लें, तो नुकसान को समय रहते रोका जा सकता है।
हालिया मेडिकल रिपोर्ट्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ये हैं किडनी खराब होने के 8 आम संकेत, जिन्हें हर किसी को जानना चाहिए।
1️⃣ पेशाब में झाग या बुलबुले आना
अगर पेशाब बार-बार झागदार या बुलबुलों वाला दिखता है, तो यह प्रोटीन लीक (Proteinuria) का संकेत हो सकता है। यह दर्शाता है कि आपकी किडनी खून से प्रोटीन को फिल्टर करने में दिक्कत झेल रही है।
2️⃣ हाथ-पैर या टखनों में सूजन आना
किडनी जब शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक नहीं निकाल पाती, तो शरीर में फ्लूड जमा (Fluid Retention) होने लगता है। इसका असर टखनों, पैरों या आंखों के नीचे सूजन के रूप में दिखता है।
3️⃣ लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
किडनी डैमेज के कारण शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी या प्रोटीन की कमी हो सकती है, जिससे व्यक्ति को हर समय थकान महसूस होती है।
4️⃣ पेशाब की मात्रा कम होना
अगर पेशाब की मात्रा अचानक कम हो जाए या उसका रंग गहरा हो जाए, तो यह किडनी की फिल्टरिंग क्षमता में कमी का संकेत है। गंभीर मामलों में यह क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) की ओर इशारा कर सकता है।
5️⃣ हाई ब्लड प्रेशर ❤️
किडनी और ब्लड प्रेशर का आपस में गहरा संबंध है। किडनी के खराब होने से शरीर में सोडियम और तरल की मात्रा बढ़ती है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर होता है और किडनी को और नुकसान पहुंचता है।
6️⃣ पेशाब में खून आना (Hematuria)
अगर पेशाब लाल या भूरे रंग का दिखे, तो यह मूत्र मार्ग में ब्लीडिंग या ग्लोमेरुली डैमेज का संकेत है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
7️⃣ भूख कम लगना और मितली आना
किडनी की कार्यक्षमता घटने से शरीर में वेस्ट मटेरियल जमा हो जाता है, जिससे भूख कम लगना, मितली आना या मुंह में धातु जैसा स्वाद महसूस होना जैसे लक्षण दिखते हैं।
8️⃣ चक्कर या ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत
रक्त में टॉक्सिन्स बढ़ने से ब्रेन फंक्शन प्रभावित हो सकता है, जिससे चक्कर आना, ध्यान न लगना या भूलने की समस्या हो सकती है।
💧 किडनी को सुरक्षित रखने के उपाय
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पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, लेकिन नमक का सेवन कम करें।
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ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियमित जांचें।
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प्रोसेस्ड फूड, अल्कोहल और सिगरेट से दूर रहें।
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यदि डायबिटीज़ या हाई बीपी है, तो हर साल किडनी फंक्शन टेस्ट कराएं।
✅ निष्कर्ष: अपने शरीर के संकेतों को समझें
किडनी डैमेज एक साइलेंट किलर की तरह होता है। यदि आप पेशाब में बदलाव, सूजन या थकान जैसे छोटे संकेतों को नजरअंदाज़ न करें, तो समय रहते इलाज संभव है।
नेफ्रोलॉजिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेना हमेशा सुरक्षित कदम होता है।
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