नोबेल शांति पुरस्कार 2025 का विजेता कौन तय करता है? जानिए नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी कैसे चयन करती है और क्या डोनाल्ड ट्रंप को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिल सकता है।

🕊️ नोबेल शांति पुरस्कार 2025 कौन तय करता है? डोनाल्ड ट्रंप की उम्मीदवारी की सच्चाई
हर साल अक्टूबर में पूरी दुनिया की नज़रें नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पर टिक जाती हैं — जब नोबेल शांति पुरस्कार के अगले विजेता का नाम घोषित किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह फैसला आखिर कौन करता है? और क्या पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह सम्मान मिल सकता है?
आइए जानें, नोबेल शांति पुरस्कार 2025 का चयन कैसे होता है, कौन-कौन इसमें भूमिका निभाते हैं, और ट्रंप की उम्मीदवारी कितनी वास्तविक है।
📜 अल्फ्रेड नोबेल की विरासत
नोबेल शांति पुरस्कार की शुरुआत 1895 में हुई थी, जब स्वीडिश वैज्ञानिक और डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी वसीयत में यह पुरस्कार स्थापित किया।
उनके अनुसार, यह पुरस्कार उन व्यक्तियों या संगठनों को दिया जाना चाहिए जिन्होंने “राष्ट्रों के बीच भाईचारे के लिए सबसे अधिक या सबसे अच्छा कार्य किया हो।”
नोबेल ने स्पष्ट लिखा था कि यह पुरस्कार “नॉर्वेजियन संसद (Storting) द्वारा चुनी गई पाँच सदस्यीय समिति” द्वारा दिया जाएगा।
यही कारण है कि जबकि अन्य नोबेल पुरस्कार (भौतिकी, रसायन, चिकित्सा आदि) स्वीडन में दिए जाते हैं, शांति पुरस्कार का निर्णय नॉर्वे में होता है।
👩⚖️ विजेता का चयन कौन करता है?
विजेता का चयन करती है नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी, जो पाँच सदस्यों से मिलकर बनती है। इन सदस्यों की नियुक्ति नॉर्वेजियन संसद (Storting) द्वारा की जाती है।
ये सदस्य विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमियों से आते हैं, लेकिन पद संभालने के बाद उन्हें पूरी तरह स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना होता है।
इनका काम है — नामांकनों का मूल्यांकन करना, विशेषज्ञों से परामर्श लेना, और उस व्यक्ति या संगठन का चयन करना जिसने शांति और मानवता के लिए सबसे उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
📩 नामांकन प्रक्रिया कैसी होती है?
हर साल 1 फरवरी तक योग्य व्यक्तियों द्वारा नामांकन भेजे जाते हैं। इनमें सांसद, प्रोफेसर, पूर्व विजेता और अंतरराष्ट्रीय संगठन प्रमुख शामिल हो सकते हैं।
नामांकन सूची 50 सालों तक गोपनीय रखी जाती है, हालांकि कई बार नामांकन करने वाले लोग इसे सार्वजनिक कर देते हैं।
इसी कारण हर साल मीडिया में बड़े नामों — जैसे डोनाल्ड ट्रंप — की चर्चा होती है।
नामांकन बंद होने के बाद कमेटी एक शॉर्टलिस्ट बनाती है, विशेषज्ञों की राय लेती है और सितंबर में अंतिम निर्णय पर पहुंचती है।
विजेता का ऐलान अक्टूबर में किया जाता है।
क्या डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार 2025 जीत सकते हैं?
डोनाल्ड ट्रंप का नाम पहले भी कई बार नोबेल के लिए प्रस्तावित हो चुका है, खासतौर पर अब्राहम समझौते (Abraham Accords) में उनकी भूमिका के लिए, जिसमें इस्राइल, यूएई और बहरीन के बीच संबंध सामान्य हुए।
उनके समर्थकों का मानना है कि ट्रंप की कूटनीति ने मध्य-पूर्व में शांति की दिशा में कदम बढ़ाया, जबकि आलोचकों के अनुसार नोबेल शांति पुरस्कार एकता और मानवाधिकारों के प्रतीक को मिलना चाहिए।
हालाँकि, नोबेल कमेटी पर राजनीतिक दबाव या जनमत का कोई प्रभाव नहीं होता। चयन प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र और गोपनीय रहती है।
यदि ट्रंप दोबारा नामांकित भी होते हैं, तो अंतिम फैसला केवल पाँच-सदस्यीय नोबेल कमेटी ही करती है।
🗳️ अंतिम निर्णय कैसे होता है?
सभी नामांकनों की समीक्षा के बाद, कमेटी बहुमत से निर्णय लेती है। विजेता का नाम अक्टूबर की शुरुआत में घोषित किया जाता है।
पुरस्कार समारोह हर साल 10 दिसंबर को ओस्लो, नॉर्वे में होता है — यह अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है।
🌍 यह पुरस्कार इतना खास क्यों है?
नोबेल शांति पुरस्कार सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि मानवता और संवाद का प्रतीक है। यह पुरस्कार दुनिया को याद दिलाता है कि शांति किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की जिम्मेदारी है।
💬 अंतिम विचार
अगर कभी डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार 2025 दिया भी जाता है, तो यह किसी राजनीतिक प्रभाव या सोशल मीडिया प्रचार की वजह से नहीं होगा।
निर्णय केवल और केवल स्वतंत्र नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी का होगा — ठीक वैसे ही जैसे अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी वसीयत में लिखा था।
एक विभाजित दुनिया में यह प्रक्रिया हमें याद दिलाती है कि सच्ची शांति पुरस्कार नहीं, एक साझा उद्देश्य है।




