प्रधानमंत्री मोदी ने RSS की शताब्दी पर विशेष डाक टिकट और ₹100 का सिक्का जारी किया। जानिए इसके डिज़ाइन, महत्व और संदेश के बारे में।

📰 RSS शताब्दी पर पीएम मोदी ने जारी किया विशेष सिक्का और डाक टिकट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक अवसर पर ₹100 का स्मारक सिक्का और एक विशेष डाक टिकट जारी किया। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्षों के सफर का प्रतीक है।
RSSकी यात्रा ने भारत के सांस्कृतिक, सामाजिक और वैचारिक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित किया है। यह सिक्का और टिकट उसी विरासत का प्रतीक है।
📖 RSS शताब्दी समारोह का महत्व
1925 में स्थापित हुआ RSS अब 2025 में अपनी शताब्दी मना रहा है। यह आयोजन केवल बीते वर्षों की स्मृति नहीं है, बल्कि संगठन के भविष्य के दृष्टिकोण को भी दर्शाता है।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि RSS को कई बार “कुचलने की कोशिश की गई”, लेकिन यह हमेशा मज़बूती से खड़ा रहा और भारत की सामाजिक एवं सांस्कृतिक उन्नति में योगदान देता रहा।
🪙 ₹100 स्मारक सिक्के का डिज़ाइन और संदेश
यह ₹100 का स्मारक सिक्का अपने आप में गहरा प्रतीकात्मक महत्व रखता है:
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अग्र भाग (Obverse): अशोक स्तंभ (राष्ट्रीय चिन्ह) और उस पर अंकित सत्यमेव जयते।
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पृष्ठ भाग (Reverse): भारत माता को दर्शाया गया है जो सिंह के साथ खड़ी हैं और वरद मुद्रा में आशीर्वाद दे रही हैं।
👉 यह डिज़ाइन RSS की उस विचारधारा को प्रतिबिंबित करता है जो संस्कृति और अध्यात्म पर आधारित राष्ट्रवाद को मानती है।
यह सिक्का राष्ट्रीय गौरव, एकता और भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।
📬 विशेष स्मारक डाक टिकट
सिक्के के साथ-साथ एक विशेष स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया।
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यह टिकट RSS की शताब्दी को समर्पित है।
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यह टिकट इतिहास प्रेमियों, डाक टिकट संग्राहकों और देशभक्ति से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है।
भारत में हमेशा से डाक टिकट ऐतिहासिक घटनाओं और सांस्कृतिक धरोहरों का प्रतीक रहे हैं, और यह जारीकरण भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है।
🗣️ पीएम मोदी का संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“कई बार RSS को कुचलने का प्रयास किया गया, लेकिन वह हर संघर्ष से उबरकर और मज़बूत हुआ। आरएसएस की शताब्दी, सेवा और त्याग का उत्सव है।”
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि RSS की मज़बूती उसकी सांस्कृतिक जड़ों से आती है और यह भारत की सामाजिक संरचना में गहराई से जुड़ा हुआ है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन?
RSS शताब्दी समारोह को कई दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है:
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ऐतिहासिक महत्व: 100 वर्षों की सामाजिक-सांस्कृतिक यात्रा का सम्मान।
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राजनीतिक महत्व: RSS और वर्तमान सरकार के गहरे संबंधों का संकेत।
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सांस्कृतिक प्रतीकवाद: सिक्का और टिकट भारत की आध्यात्मिकता, परंपराओं और राष्ट्रभक्ति को दर्शाते हैं।
✅ निष्कर्ष
RSS की शताब्दी पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जारी ₹100 का स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और अटूट जिजीविषा का प्रतीक है।
जैसे-जैसे RSS अपनी दूसरी सदी की ओर बढ़ रहा है, ये सिक्का और टिकट भारत के इतिहास में हमेशा यादगार रहेंगे।
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